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प्रयागराज कुम्भ 2019

KUMBH MELA IS THE CONGREGATION OF MILLIONS OF PEOPLE ON THE BANKS OF SACRED RIVERS, WHO GATHER FROM ALL ROUND THE GLOBE WITHOUT ANY FORMAL INVITATION TO PARTICIPATE IN THE STREAM OF KNOWLEDGE AND SPIRITUALITY. KUMBH IS A SANSKRIT WORD FOR PITCHER, SOMETIMES REFERRED TO AS THE KALASHA. MELA MEANS A GATHERING OR A MEET OR SIMPLY A FAIR. THE KUMBH CELEBRATION ROTATES AT FOUR PLACES IN INDIA, BASED ON CERTAIN CELESTIAL ALIGNMENT OF THE PLANETS. MILLIONS OF DEVOTEES TAKE HOLY DIP IN THE SACRED RIVERS WITH THE BELIEF THAT IT CLEANSES THEIR SOULS AND LEADS TO SALVATION.

कुंभ मेला हिन्दू तीर्थयात्राओं में सर्वाधिक पावन तीर्थयात्रा है। प्रयागराज कुंभ में अनेक कर्मकाण्ड सम्मिलित हैं और स्नान कर्म कुंभ के कर्मकाण्डों में से सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। करोड़ों तीर्थयात्री और आगंतुक दर्शकगण कुंभ मेला स्नान कर्म में प्रतिभाग करते हैं। त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगायी जाती है। पवित्र कुंभ स्नानकर्म इस विश्वास के अनुसरण में किया जाता है कि त्रिवेणी संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर एक व्यक्ति अपने समस्त पापों को धो डालता है, स्वयं को और अपने पूर्वजों को पुनर्जन्म के चक्र से अवमुक्त कर देता है और मोक्ष को प्राप्त हो जाता है। स्नान – कर्मकाण्ड के साथ-साथ तीर्थयात्री पवित्र नदी के तटों पर पूजा भी करते हैं और विभिन्न साधुगण के साथ सत्संग में प्रतिभाग करते हैं।

मकर संक्रांति (माघ मास का प्रथम दिन, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है) से आरंभ होकर प्रयागराज कुंभ के प्रत्येक दिन इस कर्मकाण्ड का सम्पादन एक पवित्र स्नान माना जाता है, तथापि कतिपय मांगलिक पवित्र स्नान तिथियां और भी हैं। कुंभ मेला के आरंभ से विहित तिथियों पर शाही स्नान जिसे ‘राजयोगी स्नान’ के रूप में भी जाना जाता है, वहां विभिन्न अखाड़ों (धार्मिक आदेशपीठों) के सदस्यों, संतों एवं उनके शिष्यों की आकर्षक शोभायात्रायें निकाली जाती हैं। शाही स्नान कुंभ मेला का प्रमुख स्नान है एवं कुम्भ मेला का केन्द्रीय आकर्षण हैं और महोत्सव का सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाग है, केवल शाही स्नान के पश्चात् ही सर्व साधारण को इस विश्वास में पवित्र स्नान करना अनुज्ञात किया जाता है, कि जन सामान्य भी पवित्र संतों के पवित्र कार्यों एवं विचारों के सार कलाप प्राप्त कर सकेंगे।

कुंभ मेला में शिविर प्रबंधन

  • पर्यटकों हेतु 4,200 प्रिमियम टेंट्स निर्मित किये जायेंगे और पी0पी0पी0 आधार पर संचालित किये जायेंगे
  • कुल 20,000 बिस्तरों की क्षमता के साथ जन परिसर, 10ए000 लोगों को अंतर्विष्ट करने की एक क्षमता के साथ गंगा पंडाल निर्मित किया जायेगा जिसका उपयोग सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं शासकीय कार्यक्रमों के लिये किया जायेगा जो कलात्मक सुविधाओं से सम्पन्न होगा
  • प्रत्येक प्रभाग के लिये आधुनिक एवं सामयिक साज-सज्जा युक्त 4 सभागार।
  • मेला क्षेत्र में धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु 2000 लोगो की क्षमता का प्रवचन सभागार का निर्माण किया जायेगा

सफाई

  • 1,22,000 से अधिक शौचालय
  • 20,000 से अधिक डस्टबिन आंतरिक बैग के साथ
  • 1,000 से अधिक सफाई कर्मी
  • कचरा निस्तारण हेतु 40 कॉम्पैक्टर्स एवं 120 टिप्पर्स
  • पैदल सेना के रूप में 2000 से अधिक गंगा प्रहरी/स्वच्छाग्रही।

यातायात योजना

  • मेला क्षेत्र में 300 कि०मी० सड़क।
  • 22 पण्टून पुलों के निर्माण हेतु 1795 पांटूनों का उपयोग किया जायेगा।
  • 84 से अधिक पार्किंग स्थल।
  • मेला अवधि के दौरान भीड़ नियंत्रण हेतु 54 ठहराव क्षेत्र।
  • 524 शटल बसेज एवं हजारों सी०एन०जी० आटो नियोजित किये जायेंगे।
  • 2000 से अधिक डिजिटल पथ प्रदर्शक बोर्ड।

विद्धुत व्यवस्था

  • 40,700 एल०ई०डी० लाइट्स
  • 1030 कि०मी० एल०टी० लाइन
  • 105 कि0मी० हाइपर टेंशन लाइन
  • 175 हाई मास्ट्स
  • 54 अस्थायी उपकेन्द्र
  • 2,80,000 शिविरों में विद्युत कनेक्शन

पुलिस योजना

  • 4 पुलिस लाइन
  • 40 पुलिस थाने
  • 3 महिला पुलिस थाना
  • 62 पुलिस चैकियां
  • 40 अग्निशमन केन्द्र
  • 40 निगरानी टावर
  • 1000 से अधिक सी०सी०टी०वी० कैमरा

सौन्दर्यीकरण

  • महत्वपूर्ण सड़कों का सौंदर्यीकरण
  • गमलों सहित 2 लाख पौधों रोपण
  • भाव-प्रवण द्वार, झंडे एक सेल्फी बिन्दु
  • प्रयागराज सिटी से 10 कि०मी० की रैडियस के भीतर बड़ी संख्या में सम्पर्क मार्गों का सौंदर्यीकरण
  • महत्वपूर्ण शासकीय भवनों एवं अन्य बड़ी-निजी इमारतों का अवसंरचनात्मक विकास एवं प्रकाश व्यवस्था

सिविल आपूर्तियां

  • 10 लाख से अधिक कल्पवासियों तक नागरिक आपूर्तियां पहुंचाने के लिये राशनकार्ड
  • अखाड़ों एवं धार्मिक संगठनों के लिये नागरिक आपूर्तियां पहुंचाने हेतु अनुज्ञापत्र

अन्य प्रमुख विशिष्टियां

  • 9 रेलवे स्टेशनों का उच्चीकरण
  • 9 आर०ओ०बी० का विकास
  • 6 आर०यू०बी का विस्तार
  • प्रयागराज सिविल एयरपोर्ट पर एक नवीन टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है
  • एन०एच०ए०आई० निम्न सड़कों का पुनर्निमाण एवं उच्चीकरण कार्य कर रही है
    • प्रयागराज – प्रतापगढ़ राजमार्ग
    • रायबरेली – प्रयागराज राजमार्ग
    • वाराणसी – प्रयागराज राजमार्ग
  • भारतीय अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण 5 स्थानों पर जेटीज का निर्माण कर रही है

 

GOLDEN TEMPLE, Amritsar Travel Guide

 

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